नामदेव साहू
महासमुंद जिले में 48 गांवों तक पेयजल पहुंचाने की योजना को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब योजना के लिए रखे गए करीब 10 लाख रुपये मूल्य के पाइप चोरी हो गए। बताया जा रहा है कि ये पाइप कुहरी गांव में रखे गए थे, जहां से चोरी की घटना सामने आई है।
जानकारी के मुताबिक, 48 गांवों में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से पाइप सहित अन्य सामग्री का उपयोग किया जाना था। इसी कड़ी में पाइपों को कुहरी गांव में सुरक्षित रखा गया था। लेकिन बाद में जब सामग्री की जांच की गई तो पाइप गायब मिले।
लाखों की सामग्री चोरी से बढ़ी चिंता
पेयजल योजना से जुड़ी सामग्री की इस तरह चोरी होने से योजना के काम पर असर पड़ने की आशंका है। करीब 10 लाख रुपये के पाइप चोरी होने की जानकारी सामने आने के बाद संबंधित लोगों में चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए चल रही इस योजना में सामग्री की सुरक्षा भी बड़ा सवाल बनकर सामने आया है। पाइप चोरी होने से योजना के कार्य में देरी हो सकती है और संबंधित गांवों को पेयजल सुविधा मिलने में भी असर पड़ने की संभावना है।
गांव में रखे गए थे पाइप
बताया गया है कि चोरी हुए पाइप कुहरी गांव में रखे गए थे। वहां से पाइप किस तरह चोरी हुए और चोरी की घटना कब हुई, इसे लेकर जांच की जा रही है। चोरी की पूरी घटना और नुकसान का वास्तविक आकलन संबंधित जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
मामले में चोरी हुए पाइपों की संख्या, उनकी वास्तविक कीमत और घटना में कौन-कौन शामिल है, इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 48 गांवों की पेयजल योजना के लिए रखी गई लाखों रुपये की सामग्री की सुरक्षा में चूक कैसे हुई?
फिलहाल पाइप चोरी की घटना के बाद योजना से जुड़े अधिकारियों और जिम्मेदार एजेंसियों के सामने चोरी हुए सामान का पता लगाने के साथ-साथ योजना के कार्य को प्रभावित होने से बचाने की चुनौती है।
यह खबर सामने आने के बाद क्षेत्र में भी चर्चा तेज है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में पाइप कुहरी गांव से कैसे गायब हो गए। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी सच्चाई सामने आएगी।
