नामदेव साहू
महासमुंद, 08 सितंबर 2026 खैर लकड़ी के अवैध परिवहन और फर्जी एनओसी से जुड़े मामले में महासमुंद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में आरोपी बताए जा रहे मनीष अग्रवाल के मुड़पार सरसीवां स्थित मकान में रेड कार्रवाई करते हुए तलाशी ली। इस दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई।
पुलिस के अनुसार, मकान की तलाशी के दौरान 81 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। बरामद रकम को पुलिस ने जब्त कर लिया है और अब इस राशि के संबंध में भी वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
81 लाख रुपये नकद बरामद
पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी के मकान से कुल ₹81,00,000 (इक्यासी लाख रुपये) नकद बरामद किए गए। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद नकदी का स्रोत क्या है और इसका संबंध खैर लकड़ी के अवैध परिवहन एवं फर्जी एनओसी से जुड़े प्रकरण से है या नहीं।
अपराध से अर्जित संपत्ति की कुर्की के तहत कार्रवाई
महासमुंद पुलिस द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, जब्त की गई नगद रकम के संबंध में बीएनएसएस की धारा 107 के तहत कार्रवाई प्रारंभ की गई है। यह कार्रवाई अपराध से अर्जित संपत्ति की कुर्की से संबंधित प्रावधानों के तहत की जा रही है।
पुलिस अब बरामद नकदी से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच कर रही है। रकम कहां से आई, इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था और क्या इसका संबंध दर्ज अपराध से है—इन सभी बिंदुओं को विवेचना में शामिल किया गया है।
BNS और भारतीय वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज
इस पूरे मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा भारतीय वन अधिनियम के प्रावधानों के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। मामले की विवेचना अभी जारी है।
जांच के दौरान पुलिस द्वारा खैर लकड़ी के अवैध परिवहन, दस्तावेजों और कथित फर्जी एनओसी से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। इसके साथ ही मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और नेटवर्क को लेकर भी पुलिस की जांच आगे बढ़ सकती है।
जांच में सामने आ सकते हैं अहम तथ्य
81 लाख रुपये की बड़ी नकद राशि बरामद होने के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस अब यह भी जांच करेगी कि इतनी बड़ी रकम आरोपी के पास किस उद्देश्य से रखी गई थी। जांच पूरी होने के बाद ही नकदी के वास्तविक स्रोत और मामले से उसके संबंध को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल पुलिस ने नकदी को जब्त कर लिया है और संबंधित कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस की विवेचना जारी है तथा मामले में आगे और कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।
महत्वपूर्ण: आरोपी के संबंध में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालयीन प्रक्रिया और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

