दबंग साहू
पवनी (बिलाईगढ़): नगर पंचायत पवनी में शनिवार को पारंपरिक और सांस्कृतिक आस्था का प्रतीक भोजली पर्व अत्यंत उत्साह, श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाया गया। छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और हरियाली के इस पावन पर्व पर संपूर्ण पवनी क्षेत्र का माहौल पूरी तरह भक्तिमय और उल्लासपूर्ण नजर आया।
ऐतिहासिक शोभायात्रा
नगर के ऐतिहासिक राधा-कृष्ण मंदिर परिसर से पारंपरिक बाजे-गाजे, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक जस गीतों के साथ भव्य भोजली शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। इस शोभायात्रा में नगर के प्रबुद्ध नागरिकों, युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। 'देवी भोजली' की टोकरियों को सिर पर धारण किए श्रद्धालुओं ने पारंपरिक गीतों गाते हुए नगर भ्रमण किया।
क्यों निकल जाती है हर साल यहयत्रा
राधा-कृष्ण मंदिर से शुरू हुई यह यात्रा मुख्य मार्गों से होते हुए नगर के बड़े तालाब तक पहुँची। यहाँ वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भोजली का विसर्जन किया गया। इस दौरान क्षेत्र की सुख-समृद्धि, उत्तम फसल और शांति की कामना की गई। विसर्जन के पश्चात श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को भोजली समर्पित कर गले लगाया और आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया।
इस आयोजन को सफल बनाने में नगर पंचायत के सभी ग्रामवासियों और युवाओं की विशेष सहभागिता रही,जिन्होंने छत्तीसगढ़ की इस प्राचीन लोक संस्कृति को जीवित रखने में अपनी गहरी आस्था का परिचय दिया।
