यह इस क्षेत्र के लोगों की लगभग 35 वर्षों से अधिक पुरानी और बेहद महत्वपूर्ण मांग है, जिसे अब संसद से लेकर रेल मंत्रालय तक प्रमुखता से आगे बढ़ाया जा रहा है।
इस रेल लाइन के आने से क्षेत्र में होने वाले प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं:दूरी में भारी कमी वर्तमान में बरगढ़ से रायपुर जाने के लिए बिलासपुर होकर लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इस सीधी नई रेल लाइन के बनने से भुवनेश्वर/पुरी से रायपुर और मुंबई की दूरी लगभग 150 से 200 किलोमीटर तक कम हो जाएगी।
किसानों को सीधा लाभ
महासमुंद,बसना और सरायपाली का यह पूरा क्षेत्र कृषि प्रधान है। रेल मार्ग जुड़ने से किसानों का धान, फल और सब्जियां सीधे रायपुर और देश के बड़े बाजारों तक कम लागत में पहुँच सकेंगी।व्यापारिक कॉरिडोर: यह रेल लाइन छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच एक मजबूत आर्थिक कॉरिडोर का काम करेगी, जिससे दोनों राज्यों के बीच व्यापार और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
ट्रैफिक से राहत
इस नए रूट से बिलासपुर जंक्शन पर ट्रेनों का दबाव (ट्रैफिक जाम) भी काफी कम होगा। इस परियोजना के लिए ईस्ट कोस्ट रेलवे (East Coast Railway) द्वारा फाइनल लोकेशन सर्वे और शुरुआती प्रक्रियाओं को तेजी से गति दी जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही धरातल पर भी इसका निर्माण कार्य शुरू होगा।

