Type Here to Get Search Results !

Barking अर्जुनी में दो साल से लटका ठाकुर देव भवन का निर्माण, ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी...।

 संवाददाता प्रज्ञानंद दबंग साहू 

बलौदा बाजार: जिले के वन परिक्षेत्र अर्जुनी के अंतर्गत आने वाले ग्राम अर्जुनी में ठाकुर देव भवन का निर्माण कार्य पिछले दो वर्षों से अधर में लटका हुआ है। वन समिति द्वारा निर्माण कार्य की स्वीकृति मिलने और राशि आवंटित होने के बावजूद काम शुरू न होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

क्या है मामला ?

ग्रामीणों के अनुसार, गांव में ठाकुर देव भवन के निर्माण के लिए वर्षों पहले योजना बनी थी, जिसके लिए वन समिति के माध्यम से बजट भी स्वीकृत हो गया और राशि भी विभाग को प्राप्त हो गई। काम शुरू करने के लिए नींव की खुदाई भी की गई, लेकिन उसके बाद से काम पूरी तरह से बंद पड़ा है। बीते दो वर्षों से ग्रामीणों द्वारा इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को बार-बार सूचित किया गया, लेकिन आश्वासन के सिवाय उन्हें कुछ नहीं मिला।

ग्रामीणों का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभाग की घोर लापरवाही के कारण यह महत्वपूर्ण निर्माण कार्य रुका हुआ है।

राशि का उपयोग कहाँ है?: जब फंड स्वीकृत हो चुका है और राशि आ चुकी है, तो निर्माण कार्य को जानबूझकर रोका क्यों जा रहा है?

अधूरी संरचना: नींव की खुदाई के बाद काम छोड़ देने से वहां सुरक्षा संबंधी जोखिम भी बढ़ गया है।

आस्था का केंद्र: ठाकुर देव स्थल ग्रामवासियों की आस्था का बड़ा केंद्र है, जिसके जीर्णोद्धार और भवन निर्माण में हो रही देरी उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत कर रही है।

📚 IAS Level GK Questions 📚 क्या आप अपना General Knowledge (GK) बढ़ाना चाहते हैं या किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं ? 👉 तो अभी चैनल को Subscribe करें और ज्ञान की इस यात्रा में हमारे साथ जुड़ें ! 🚀📖


"अब नहीं सहेंगे, करेंगे उग्र आंदोलन"

ग्रामवासियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अब लंबे समय से दिए जा रहे कोरे आश्वासनों से ऊब चुके हैं। उन्होंने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि यदि आने वाले कुछ ही दिनों के भीतर निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू नहीं किया गया, तो समस्त ग्रामीण सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे। इसकी संपूर्ण जवाबदेही शासन और संबंधित वन विभाग के अधिकारियों की होगी।

Tags

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.