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महासमुंद जिले में 52 सेल्समेन खा गये गरीबों की राशन,दोषी सेल्समेन को मिली है धान उपार्जन केंद्रों में बड़ी जिम्मेदारी....

नामदेव साहू छत्तीसगढ़ संवाददाता 

जिले में 52 सेल्समेन खा गये गरीबों की राशन, एक पर भी नहीं हुई अपराध दर्ज, दोषी सेल्समेन को मिली है धान उपार्जन केंद्रों में बड़ी जिम्मेदारी

महासमुंद: सरकार भले ही हर गरीब को सरकारी सुविधाएं-संसाधन मुहैया कराने की योजनाएं बनाती रहे, सरकार गरीबों के लिए कितना भी मुफ्त राशन मुहैया करा दे लेकिन जब सेल्समेन का पेट भरेगा तब तो आगे जनता तक पहुंचेगा। इसी तरह राशन विक्रेताओं ने गरीबों का राशन डकार गये हैं उनके खिलाफ अपराध दर्ज करने के बजाय वसुली का कार्यवाही कर धान उपार्जन केंद्रों में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह इस भ्रष्ट तंत्र के मकड़जाल में उलझकर लक्ष्य से भटक जाना तमाम योजनाओं की नियति बन गई है। हर गरीब तक अनाज पहुंचाने के लिए सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून लागु की है। लेकिन महासमुंद जिले में दोषियों पर कार्यवाही के मामले में यह कानून शिथिल नजर आता है।

मिली जानकारी अनुसार महासमुंद जिले में गरीबों के राशन में हो रही गडबडी को लेकर अबतक अनगिनत शिकायते होती रही है। प्राप्त जानकारी अनुसार वर्ष 2020-21 में राशन वितरण में धांधली के मामले में 52 सेल्समेन दोषी पाये गये। उक्त विक्रेताओं के द्वारा हितग्राहियों के मृत्यु हो जाने के बाद भी उनके नाम से राशन वितरण किया जाना दर्शाकर राशन को हडपा गया था।

उक्त कृत्य आवशयक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। फिर भी जिला खाद्य अधिकारी महासमुंद के द्वारा उन दोषी विक्रेताओं के खिलाफ अपराध दर्ज न कर केवल वसुली की कार्यवाही की गई है। तथा इन सेल्समेनों के खिलाफ निलंबन की कार्यवाही तक नहीं हुई है बल्की कई दोषी सेल्समेन को वर्ष 2024-25 में धान उपार्जन केंद्रों में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है कोई फड प्रभारी है तो कोई बारदाना प्रभारी ।

इसी तरह पिथौरा में 13 बसना में 13, सरायपाली में 15 बागबाहरा में 10 एवं महासमुंद ब्लॉक में 1 सेल्समेन इसी तरह जिले भर में 52 दोषी सेल्समेन कार्यरत हैं।सम्पूर्ण जानकारी अगर एकत्रित कि जाय तो आंकड़ें की संख्या में और भी बडोत्तरी हो सकती है।

छत्तीसगढ राज्य के अन्य जिलों में इसी तरह के अनेक मामले आपको आसानी से गुगल में सर्च करने पर मिल जाऐंगे जिसमें अपराध दर्ज कर दोषी राशन विक्रेताओं को जेल भेजा गया है। लेकिन महासमुंद जिले में ठिक इसके विपरित दोषी राशन विक्रेताओं को धान उपार्जन केंद्रों में बड़ी जिम्मेदारी का कार्य दी गई है।

ये हैं गरीबों की राशन को डकारने वाले सेल्समेन

वि.ख.पिथौरा=

1. हिरालाल साहू

2. गंगाधर जगत

3. जागेश्वर सिंह ध्रुव

4. हेमंत पटेल

5. कार्तिक राम भोई

6. राशीभूषण बारीक

7. महेंद्र बंजारा

8. मनमोहन भानु

9. कोमल सिंह ध्रुव

10. मनोज डडसेना

11. जोगीलाल पटेल

12. भव्य प्रसाद जाल

13. सत्रुघन पटेल

वि.ख.बसना=

1. चुडामणी पटेल

2. रवि यादव

3. नित्यानंद निषाद

4. योगेंद्र साव

5. शेषदेव साव

6. छेदुराम निषाद

7. सुनील पदमाकर

8. बंसत नायक

9. दिनेश भोई

10. दिलेश्वर साव

11. योगेश साव

12. सनत कुमार पटेल

13. पदमन साव

वि.ख.सरायपाली=

1. परमानंद पटेल

2. जोगेंद्र प्रधान

3. जय प्रकाश प्रधान

4. रुपानंद

5. संजय पटेल

6. धर्मेंद्र

7. नेहरु लाल मेहेर

8. वेणुधर प्रधान

9. किशोर साहू

10. कन्हैया चौधरी

11. देवेंद्र पटेल

12. गोपाल प्रसाद साहू

13. अनिल प्रधान

14. सुरेश

15. पारेश्वर यादव

वि.ख.बागबाहरा=

1. धुपसिंह ठाकुर

2. लंकेश्वर चक्रधारी

3. महेश्वर शर्मा

4. कालूराम बरिहा

5. दिनदयाल सेन

6. मोहन साहू

7. झुमुक सिन्हा

8. तेज लाल साहू

9. मनोज कुमार तिवारी

10. कोमल दीवान

वि.ख.महासमुंद=

1. यशवंत निर्मलकर

उपरोक्त दोषी विक्रेताओं के विरुद्ध निलंबन कार्यवाही हेतु एक RTI कार्यकर्ता उच्च स्तरीय शिकायत करने की तैयारी में है।

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